Fuel filter वाहनों में लगा एक पार्ट होता है, जो fuel tank से निकलने वाले फ्यूल को फ़िल्टर करके फ्यूल पाइप्स के द्वारा फ्यूल को इंजन तक पहुंचाने का काम करता है। यह इंजन की safety के लिए बहुत जरूरी होता है। क्योकि फ्यूल में छोटे छोटे Particles, dust, आदि Impurities होती है, जो इंजन के लिए हानिकारक होती है और इंजन के पार्ट्स को खराब कर देती है।
Fuel Filter के प्रकार
ये कई Type के होते है।
Inline filter -इनको वाहनो में फ्यूल पाइप के साथ में कहीं भी लगाया जा सकता है, ये प्लास्टिक और Metal के बने हुए होते है।
In fuel tank filter -ये फ़िल्टर फ्यूल tank के साथ ही लगे रहते है।
Paper type– इस टाइप के फ़िल्टर का उपयोग छोटे छोटे धूल के कणों को फ़िल्टर करने करने के लिए किया है। ये फ़िल्टर अन्य फ़िल्टर की तुलना में मार्किट में सस्ते मिल जाते है।
Carbon type -वाहनों में इस टाइप के फ़िल्टर का उपयोग फ्यूल से आने Smell और Impurities को फ़िल्टर करने के लिए किया जाता है।
Primary Filter-ये फिल्टर फ्यूल टैंक से आने वाले कणों , धूल, जंग आदि फ़िल्टर करता है।
Secondary Filter-ये प्राइमरी फ़िल्टर से फ़िल्टर किये हुए फ्यूल में बचे हुए Particles को फ़िल्टर करता है।
Water type Filter -फ़िल्टर-ये फ्यूल में कोई पानी की मात्रा या Moisture हो तो उसे फ्यूल से अलग कर देता है।

Fuel filter काम कैसे करता है
सभी वाहनो में फ्यूल टैंक के साथ एक फ्यूल पंप लगा होता है। जिससे फ्यूल को पाइप्स के द्वारा खींचा जाता है। जो फ्यूल फ़िल्टर में होकर जाता है। इसमें दो पोर्ट होते है Inlet और Outlet. फ्यूल टैंक से फ्यूल पंप के द्वारा फ़िल्टर के Inlet port में पहुँचता है, जिसमे एक फ़िल्टर लगा होता है जो कि Paper या Synthetic fiber का बना होता है।
जो फ्यूल में मिली Impurities धूल, और Particles को अलग कर देता है। फ्यूल से जब से impurities फ़िल्टर हो जाती है, तो फ्यूल output port पर पहुँचता है जहा से पाइप के द्वारा से फ़िल्टर किया हुआ ये फ्यूल सीधे Engine में पहुँचता है। ये फ़िल्टर किया हुआ फ्यूल इंजन और उसके पार्ट्स के लिए अच्छा होता है।

रख-रखाव
फ्यूल फ़िल्टर को सुरक्षित रखने के लिए निम्न बातो का ध्यान रखें चाहिए-
वाहनो में हमेशा अच्छी Quality का ही fuel भरवाना चाहिए। क्योकि अगर फ्यूल की Quality खराब हुई तो fuel सबसे पहले fuel filter को ही ख़राब करता है।
वाहन को चलाते समय ये ध्यान रखना चाहिए की फ्यूल टैंक में फ्यूल कम से कम 25% -30% भरा हो। इसमें कम फ्यूल होने पर फ्यूल टैंक के अंदर जमी हुई गन्दगी और Rust फ्यूल पाइप के द्वारा फ्यूल फ़िल्टर में पहुंच जाती है। जो फ़िल्टर और Engine दोनों के लिए हानिकारक है। जिससे इंजन में ओवरहीटिंग की Problem भी होने लगती है cluster में Temperature Sensor blink करने लगता है।
फिल्टर को एक तय समय के बाद बदलना चाहिए, जो फिल्टर बनाने वाली कंपनियों के दिए गए निर्देशों के अनुसार होना चाहिए और फ्यूल पाइप्स की समय समय पर चेक करते रहना चाहिए।
फ्यूल फिल्टर कीमत
इसकी कीमत फ़िल्टर के ब्रांड और व्हीकल से मॉडल के अनुसार अलग अलग होती है । ये मार्किट में 1000 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक आसानी से मिल जाते है।
फ्यूल फिल्टर बदलने का समय
वाहनो में वैसे 25 हज़ार से 30 हज़ार किलोमीटर की दुरी के बाद फ़िल्टर बदल लेना चाहिए। अगर वाहनों में दो फ़िल्टर Primary हुए secondary दो फ़िल्टर लगे हुए है ,तो प्राइमरी फ़िल्टर को जब वाहन द्वारा 25 हज़ार से 30 हज़ार किलोमीटर की दुरी तय कर ली जाती तो इसके बाद बदल लेना चाहिए । और सेकण्ड्री फ़िल्टर को 35 हज़ार से 50 हज़ार किलोमीटर की दुरी के बाद बदल लेना चाहिए।
Fuel filter से Related कुछ सवाल और जवाब
Que -फ्यूल फ़िल्टर की क्यों जरूरत होती है ?
Ans -यह Engine को खराब होने से बचाता है, और साथ ही Engine के पार्ट्स को फ्यूल के साथ आने वाली Impurities से बचाता है ।
Que-ये कैसे पता लगेगा की फ्यूल फ़िल्टर खराब हो गया है ?
Ans-जब वाहन का इंजन बार -बार बन्द हो रहा हो और इंजन स्टार्ट नहीं हो रहा हो और वाहन का पिक-अप कम होने लगे।
Que-क्या हर बार वाहन की सर्विसिंग में फ्यूल फ़िल्टर बदलना ज़रूरी है?
Ans नहीं, इसे सिर्फ कुछ kilometers जो की company के मैन्युअल में निर्धारित है तब बदलना पड़ता है ।
Que–वाहनों में फ्यूल फ़िल्टर कहाँ लगा होता है?
Ans -ये फ्यूल लाइन के बीच में में या फ्यूल टैंक के अंदर या इंजन कैबिनेट में लगा होता है।
निष्कर्ष
उपरोक्त ब्लॉग के माध्यम से आपको को पता चला होगी की फ्यूल फ़िल्टर क्या होता है? और इसका वाहनों में क्या उपयोग होता है कैसे इसका रख रखाव किया जाता है और ये वाहनों में क्यों जरुरी है?