AC जिसका का पूरा नाम Air Conditioner है। जो वाहन के केबिन के अंदर की Air को ठंडा करता है। यह वाहन के अंदर की गर्म हवा को बाहर निकल कर Cool Air देता है। ये केबिन के अंदर के तापमान, आर्द्रता और वेंटिलेशन को नियंत्रित करता है।
Air Conditioner में उपयोग की जाने वाली Refrigerant Gas
वाहनों के AC में एक प्रकार की Refrigerant Gas भरी जाती है। यह गैस गर्मी को absorb कर के ठंडक पैदा करती है।
R-12
इसका पूरा नाम Dichlorodifluoromethane है । ये एक Refrigerant Gas है, जिसका इस्तेमाल पहले एयर कंडीशनर (AC) और रेफ्रिजरेटर में ठंडक पैदा करने के लिए किया जाता था। इसे CFC-12 भी कहा जाता है। यह गैस CFC (Chlorofluorocarbon) गैसों की श्रेणी में आती है। ये गैस Heat को Absorbing और releasing के Principal पर काम करती है। यानि ये गैस Low Pressure में Heat को absorb कर लेती है, और उसके बाद उसे कंप्रेसर में भेज देती है, जो इसे Compress कर के High Pressure में बदल देता है। जो कंडेंसर में जाकर ठंडी होकर Liquid फॉर्म में change हो जाती है। इस गैस की बहुत अच्छी कूलिंग क्षमता होती है। और Compressor की लाइफ भी अच्छी रहती थी।
इस गैस को Cooling System में उपयोग करने के बंद कर दिया गया है। क्योकि इस गैस से ओज़ोन परत को काफी नुकसान होने लगा। ओज़ोन लेयर हमें सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है। और ये ओज़ोन लेयर को काफी नुकसान पंहुचा रही थी जिस कारण से Skin Cancer ,आंखों की बीमारियां आदि रोग होने लगे और साथ में ही ग्लोबल वार्मिंग भी बढ़ने लगी ।और ये गैस पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक सिद्ध हुई क्योकि अगर एक बार ये लीक हो जाती है, तो काफी समय तक वायुमण्डल में ही रहती है।
R-134a
इसका पूरा 1,1,1,2-Tetrafluoroethane है। ये एक Hydrofluorocarbon Series की Refrigerant Gas है। जो की R-12 के जगह उपयोग की जाती है। ये गैस ओज़ोन लेयर को नुकसान नहीं पहुँचाती है। और Cooling भी बेहतर देती है इस गैस का Disadvantage ये है की इस गैस को अधिक मात्रा में भरने पर कंप्रेसर खराब हो सकता है। इसके साथ ही ये ग्लोबल वार्मिंग भी बढ़ाती है।
R-1234yf
इसका पूरा 12,3,3,3-Tetrafluoropropene है। ये भी Hydrofluorocarbon Series की Refrigerant Gas है। जो की R-134a के जगह उपयोग की जाती है। ये गैस ओज़ोन लेयर को नुकसान नहीं पहुँचाती है ।और Cooling भी बेहतर देती है। ये गैस पर्यावरण के लिए सबसे सुरक्षित है ।और ग्लोबल वार्मिंग पर भी इसका प्रभाव बहुत कम रहता है।
वाहनों के Air Conditioner System के भाग
वाहनों के AC सिस्टम में निम्न मुख्य भाग होते हैं
Compressor
Condenser
Expansion valve
Evaporator
Blower Fan
वाहनों में Air Conditioner System में कैसे काम करता है
Compressor
ये इंजन में एक बेल्ट के साथ जुड़ा रहता है। जब AC को ON किया जाता है, तो तो बेल्ट घूमने लगती है। और मैग्नेटिक क्लच एसी ऑन होने पर कंप्रेसर को जोड़ता है।कंप्रेसर Low Pressure Refrigerant Gas को कम्प्रेस कर के High Pressure Refrigerant Gas में Change कर देता है। इसके बाद कंप्रेसर इस गैस को Condenser में भेज देता है।
Condenser
ये Radiator की तरह होता है। इसमें Aluminum की Tubes और जालीदार Fins लगे होते है। जिसमें बाहर की Air टकराती है। इसमें Compressor से आई हुई गर्म हाई प्रेशर गैस इन फिन्स से होकर निकल जाती है और बाहर की हवा से गर्म हाई प्रेशर गैस ठंडी होने लगती है। और जब गैस पर्याप्त मात्रा में ठंडी हो जाती है, तो वह गैस से Liquid में बदल जाती है ।और फिर ये High Pressure Liquid Expansion valve में चला जाता है।
Expansion valve
Condenser से जब हाई प्रेशर गर्म लिक्विड रेफ्रिजरेंट एक्सपेंशन वाल्व में आता है। तो वाल्व के छोटे से छिद्र ये हाई प्रेशर Liquid लो प्रेशर liquid में बदल जाता है। और जैसे जैसे Pressure कम होने लगता है तो ये बहुत ठंडा हो जाता है और इसका कुछ भाग गैस में चेंज हो जाता है।
Evaporator
Evaporator एक heat exchanger की तरह होता है। जिसमें Refrigerant गर्मी absorb करके liquid से गैस में बदलता है। और cooling देता है। इसमें Low Pressure Cool Liquid Expansion Valve से होकर आता है । और ये liquid हवा से गर्मी absorb करता है । और इस Heat से Liquid गैस में बदल जाता है।
Blower Fan
इसमें वाहनों के Cabin अंदर की गर्म Air Dashboard में लगे Return Air Grill से Air Filter में जाती है। जिसमे Dust, मिट्टी, आदि Particles को filter अलग कर देता है ।और ये Air Blower Fan के मदद से Evaporator में जाती है । ये Air से Heat Absorb कर लेता है। Blower fan ठंडी हवा को डैशबोर्ड में लगे Front grill से Cool Air वाहन के cabin में देता है।

Air Conditioner Maintenance
AC के रख राखव के लिए हर 5 से 6 महीने में रेफ्रिजरेंट गैस की Quantity को चेक करते रहना चाहिए , यदि गैस कम है। तो गैस को Refil करवाना चाहिए। वाहन के केबिन के Air filter को हर 6 महीने में साफ़ करना चाहिए । यदि फ़िल्टर के अंदर डस्ट और गन्दगी होती है, तो और केबिन में बदबू आती है और ठण्डी Air भी कम आती है । Condenser और Evaporator को साफ़ रखना चाहिए । कंप्रेसर की बेल्ट को चेक करते रहना चाहिए । ये ढीली नहीं होनी चाहिए , और एक्सपेंशन वाल्व को भी चेक करते रहना चाहिए ।
Air conditioner से Related कुछ सवाल और जवाब
Que -यदि AC काम नहीं कर रहा है तो उसमे क्या प्रॉब्लम हो सकती है ?
Ans -उसमे Refrigerant की कमी हो सकती है या फिर AC कम्प्रेसर में कोई fault हो सकता है। या फिर कोई इलेक्ट्रिक Fault जैसे की AC switch खराब हो गया हो ।
Que -AC कूलिंग होने में समय जायदा क्यों लग रहा है?
Ans -यह Problem Refrigerant की कमी या कंडेंसर की गंदगी के कारण हो होती है। या फ़िल्टर में कोई समस्या होने के कारण।
Que -AC चालू करने पर वाहन का RPM क्यों बढ़ जाता है ?
Ans -क्योकि AC on करने पर कम्प्रेसर पर Load पड़ता है ।
Que-क्या AC on रखने से वाहन का माइलेज कम होता है?
Ans -हां, AC चलाने से इंजन पर load बढ़ जाता है।जिसके कारण Mileage कम हो जाता है।
निष्कर्ष
ऊपर ब्लॉग में आपने जाना की वाहनो में Air Conditioner (AC) क्या होता है ? Air Conditioner में उपयोग किये जाने वाले Refrigerant के बारे में, AC System काम कैसे करता है और कैसे इसका रख रखाव किया जाना चाहिए।