Tow bar एक मजबूत metal का बना Part होता है। जो Vehicles के आगे और पीछे लगाया जाता है, और इसका उपयोग दूसरे Vehicle को खींचने के लिए किया जाता है। ये Vehicle के chassis से जुड़ा होता है और जिसके द्वारा दूसरे Vehicle को जोड़ा जाता है। यह मुख्य रूप से कार और ट्रक में लगाया जाता है, ताकि भारी सामान या ट्रेलर को आसानी से खींचा जा सके।
Types
ये चार प्रकार के होते है।
Fixed Type
ये गाड़ी पर fixed रहता है। इसे हटाने-लगाने की जरुरत नहीं होती है। ये काफी मजबूत भी रहता है।

Detachable Type
ये काफी costly होता है। जब इसकी जरुरत होती है, तब इसे vehicle पर लगाया जा सकता है। और जब जरुरत नहीं होती, तब आसानी से हटा लिया जा सकता है। इसे लगाते समय इसकी फिटिंग सही से करनी होती है।

Flange Type
इसमें Flange जैसी plates होती है, जिसे Nut-bolts की Help से vehicle के chassis में mount किया जाता है । ये काफी मजबूत होता है। इसकी सहायता से Heavy load को उठाया जाता है।
Rear Type
ये Vehicles के पीछे लगा होता है।
इसके काम करने का तरीका
इसको Vehicles के chassis पर bolt की मदद से टाइट किया जाता है। इसके लास्ट में Tow Ball लगा होता है, जिस पर लॉक लगा होता है। किसी भी Weight को Carry करने की Capacity इसकी और chassis के Joint पर पड़ती है। इस पर Horizontal Load और Vertical Load दोनों आते हैं।
ये तीन Factors पर depend करता है । Towing Capacity – ये निर्धारित करता है,कि Vehicle कितना Weight खींच सकता है। Tongue Load Capacity – ये निर्धारित करता है कि Tow Ball कितना भार Weight सकता है। Chassis Strength – व्हीकल का फ्रेम कितना मजबूत है।
कीमते
इसकी कीमतें Vehicles के model और इसके प्रकार पर निर्भर करती हैं। एक Average range ये हो सकती है
Fixed type 4500 रुपए से -12000 रुपए तक
Detachable type-15000 रुपए से – 30000 रुपए तक
Vehicles में लगाने का तरीका
इसको सही तरीके से लगाना होता है ताकि वह मजबूती से व्हीकल के चेसिस के साथ जुड़े और उपयोग के दौरान कोई समस्या न हो। टो बार को लगाने के कुछ स्टेप्स –
इसको और इसके माउंटिंग nut बोल्ट को सही से चेक कर लेना चाहिए ,कि यह ये व्हीकल के वाहन के मॉडल के अनुसार उपयुक्त है या नहीं कई बार टो बार के size के अनुसार Nut -Bolt नहीं होते है ।
Vehicle के chassis के आगे और पीछे के नीचे फ्रेम को सही से identify करे जहा पर इसको फिट करना होता है। कई बार चेसिस में मॉउंटिंग स्लॉट को ढूंढने के लिए वाहन को उठाना पड़ सकता है। इसकी पोजीशन को सही से मार्क कर लेना चाहिए। टो बार को chassis पर फिट करने के लिए सही से माप लेकर सही जगह पर निशान बनाने चाहिए । ताकि बोल्ट आसानी से लग सके।
ड्रिल मशीन से मार्क की जगह पर ड्रिल करे और टो बार को मजबूत nut बोल्ट से चेसिस में माउंट करें। ये बात हमेशा ध्यान रहे कि बोल्ट सही से टाइट है या नहीं ताकि टो बार ढीला न हो। सभी फिटिंग की जांच सही से कर लेनी चाहिए ताकि सेफ्टी बने रहे ।इसको लगाने के बाद एक बार वाहन को टेस्ट ड्राइव कर के जरूर देख लेना चाहिए, कि टो बार सही से टाइट है और सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।
लगाने के फायदे
इसकी की मदद से भारी सामान या ट्रेलर को आसानी से खींचा जा सकता है। ये Vehicle की क्षमता बढ़ाता है।Vehicle काफी अच्छा दिखता है। इसको लगाने से Vehicle की Safety भी बनी रहती है।
Purchase करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
सबसे पहले यह चेक लेना चाहिए की करें कि ये गाड़ी के मॉडल के अनुसार है या नहीं अगर टो बार सही से match नहीं होगा तो गाड़ी या इस पर दोनों पर असर पड़ेगा।
इसकी Max Load Rating व्हीकल के वजन से साथ match होनी चाहिए। हो सके तो थोड़ा अधिक capacity वाला टो बार ही परचेस करना चाहिए।
Purchase करते समय उसकी Welding & Build Quality सही से चेक कर लेनी चाहिए, कही कोई crack या वेल्डिंग मिस ना हो साथ ही Bolts और mounting points मजबूत और aligned हों
ध्यान रखना चाहिए की ये स्ट्रांग मेटल से बना हो और जो जंग रोधी कोटिंग के साथ हो ताकि लम्बे समय तक टिकाऊ रहे।
निष्कर्ष
ऊपर ब्लॉग में आप लोगो को Tow bar क्या होता है? ये कितने type के होते है? इसके उपयोग और इसे कैसे Vehicles में लगाते है कि इन सभी topics के बारे में जानकारी मिली होगी।